लघुकथा
बारिश वाले आंसू किसान अत्यधिक चिंतित और परेशान थे क्योंकि कई दिनों से बारिश नहीं हो रही थी. किसान सूखे खेतों को देखते तो उनकी आँखों से बारिश की बूंदों की तरह आंसू निकलने लगते. अब दो चार दिनों की ही आस है अन्यथा बारिश नहीं हुई तो उन्हें अपनी फसल की दुबारा से बुआई करनी होंगी. इसलिए वें रूठे हुए वरुण देव को मनाने के लिए मिन्नते करने लगे व विभिन्न तरह के टोने टोटके करने लगे. संयोग से बारिश हो गई और वें सभी खुशी से झूम उठे. परंतु अब भी किसानों की आँखों में अश्रुधारा बह रही थी जो की बारिश होने की खुशी में थी.