मानवीय क्रियाकलापों से बढ़ी बाढ़ की तीव्रता और विध्वंसता
बाढ़- बाढ़ एक ऐसी स्थिति है जिसमें कोई निश्चित भूभाग अस्थायी रूप से जलमग्न हो जाता है और इस वजह से वहां का जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। बाढ़ आने के कई कारण होते हैं और भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में उसका कारण भिन्न-भिन्न होता है। भारत में बाढ़ के कुछ प्रमुख कारणों में अधिक वर्षा , भूस्खलन , नदियों और नालियों के मार्ग अवरुद्ध होना इत्यादि है। ज्यादातर बाढ़ कुछ विशेष क्षेत्रों और वर्षा ऋतु में ही आती है। बाढ़ तब आती है जब नदी जल-वाहिकाओं में इनकी क्षमता से अधिक जल बहाव होता है और जल , बाढ़ के रूप में मैदान के निचले हिस्सों में भर जाता है। बाढ़ के मामले में भारत विश्व का दूसरा प्रभावित देश है। मानवीय क्रियाकलापों जैसे अंधाधुंध वनों की कटाई , प्राकृतिक अपवाह तंत्रों का अवरुद्ध होना तथा नदी तल और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मानवों के रहवास की वजह से बाढ़ की तीव्रता , परिमाण और विध्वंसता अत्यधिक बढ़ गई है। बाढ़ आने की मुख्य वजह- वर्तमान में देश की किसी भी नदी से डिसिल्टिंग यानी गाद हटाने का काम नहीं किया जाता है। पहले हमारे देश की ज्यादातर नदियां अविरल थीं। जिसकी वजह से बहती नदी में खुद ...